Indian News : नई दिल्ली | सावन के महीना ख़त्म होने के लिए कुछ ही दिन शेष रह गए है, और अब सावन महीने आखिरी शनिवार कल पड़ रहा है. इस पवित्र महीने का शनिवार भगवान हनुमान की पूजा के लिए खास माना गया है। इसे हनुमान पर्व भी कहा है। भगवान शिव का रुद्रावतार होने से सावन के शनिवार को हनुमान जी की विशेष पूजा करने का विधान बताया गया है। स्कंद पुराण में इस बात का जिक्र है कि सावन के शनिवार को हनुमान पूजा और व्रत रखने से हर तरह के कष्ट दूर होते हैं और दुश्मनों पर जीत मिलती है।

स्कंदपुराण: हनुमान पूजा से नष्ट होते हैं शत्रु-

श्रावण महीने के शनिवार को हनुमान जी की आराधना करने से हर तरह की बीमारियां दूर हो जाती है। मानसिक और शारीरिक रुप से मजबूती मिलती है। हनुमान जी की कृपा से कामकाज में आ रही रुकावटें दूर हो जाती हैं। सोचे हुए काम पूरे होने लगते हैं। बुद्धि और वैभव बढ़ता है। शत्रु नष्ट हो जाते हैं और प्रसिद्धि मिलती है।

सावन शनिवार को क्या करें सूर्योदय से पहले उठें। पानी में काले तिल मिलाकर नहाएं। हनुमान जी के गुरु, सूर्य देवता को जल चढ़ाएं। इसके बाद हनुमान मंदिर जाएं। पानी में गंगाजल, लाल चंदन और लाल फूल मिलाएं उस जल से हनुमान जी का अभिषेक करें। तिल के तेल में सिंदूर मिलाकर मूर्ति पर लेप करें।

हनुमान जी के 12 नामों का मंत्र –

हनुमानञ्जनी सूनुर्वायुपुत्रो महाबल:।

रामेष्ट: फाल्गुनसख: पिङ्गाक्षोमितविक्रम:।।

उदधिक्रमणश्चैव सीताशोकविनाशन:।

लक्ष्मणप्राणदाता च दशग्रीवस्य दर्पहा।।

हनुमान पूजा का महत्व-

इस तरह श्रावण में शनिवार के दिन वायुपुत्र हनुमान जी की आराधना से मनुष्य वज्र के समान शरीर वाला, निरोग और बलवान हो जाता है। अंजनी पुत्र की कृपा से हर काम तेजी से और बिना रुकावट पूरा होता है। बुद्धि और वैभव भी बढ़ता है। दुश्मनों पर जीत मिलती है और दोस्त बढ़ते हैं। ऐसे लोग प्रसिद्धि हो जाते हैं।

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