Indian News : ट्रांसपोर्ट का व्यवसाय करने वाले युवक ने अपने दोस्त से उधार रकम तो ली, लेकिन देने के समय मुकर गया। चेक बाउंस होने और उधार रकम देने से मना करने पर मामला छावनी थाने पहुंचा। पुलिस ने ट्रांसपोर्टर उसकी पत्नी और बेटे के खिलाफ अमानत में खयानत का मामला दर्ज किया है।

पुलिस ने बताया कि शीतला मंदिर के पास, कैंप 2 नंदनी रोड निवासी उमेश मिश्रा ने ठगी की शिकायत दर्ज कराई है। उसने बताया कि वह ठेकेदारी करने के साथ ही ट्रांसपोर्टिंग का व्यवसाय करता है। सेक्टर 8 निवासी अजय सिंह से उसकी पुरानी जान पहचान है। अजय अपनी पत्नी और बेटे शुभम सिंह के साथ दिसंबर 2021 में उसके घर आया था।

उसने बताया कि वह काफी परेशान है। उसके पास दो ट्रक हैं उसकी किस्त वह अदा नहीं कर पा रहा है। फाइनेंस वालों ने उसकी गाड़ी खींच ली है। उसे लगभग 7 लाख रुपए की जरूरत है। इसके बाद जैसे ही उसका काम शुरू हो वह उसका पैसा लौटा देगा। यदि पैसा नहीं दे पाया तो वह अपनी गाड़ी उसके नाम कर देगा।

उमेश मिश्रा उसके बहकावे में आ गया। उसने 22 दिसंबर 2021 को 3.65 और फिर उसी दिन शाम को 3.20 लाख रुपए अजय सिंह को दे दिए। अजय सिंह से उसने नोटरी करार भी किया, जिसमें उसने 15 जनवरी 2022 तक रकम वापस करने का करार किया। इसके बाद भी रकम नहीं लौटाई। छावनी पुलिस ने आरोपी अजय सिंह, उनकी पत्नी सुमन सिंह और बेटे शुभम के खिलाफ धारा 406, 34 के तहत अपराध दर्ज किया है।

चेक हुआ बाउंस फिर रुपए देने से किया मना


उमेश मिश्रा ने बताया कि अजय सिंह ने इकरारनामा करे के बाद भी रुपए नहीं दिया। समय पर 6.85 लाख रुपए वापस नहीं करने पर उमेश ने अजय सिंह पर दबाव बनाया। इस पर अजय सिंह की पत्नी सुमन सिंह ने 29 मई 2022 को भारतीय स्टेट बैंक इंदिरा पैलेस भिलाई शाखा का 3 लाख 20 हजार का चेक दिया और अजय सिंह ने अपने नाम का पंजाब नेशनल बैंक सिविक सेंटर का 3 लाख 65 हजार का चेक दिया। जब उन चेक को लगाया गया तो दोनों चेक बाउंस हो गए।

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