Indian News : शहर और ग्रामीण इलाकों की खराब सड़कों की मरम्मत की ओर अफसर और नेताओं का ध्यान नही होने से ग्रामीणों में आक्रोश है। कई बार मांग करने के बाद भी लापरवाही बरतने से खराब सड़क पर चलने का खामियाजा वाहन चालकों को दुर्घटना का शिकार होकर भुगतना पड़ रहा है। बारिश थमने के बाद अब ग्रामीण सड़क के मरम्मत की मांग कर रहे है।

बारिश के बाद ग्रामीण क्षेत्र की जर्जर सड़कों को सुधारने का काम अबतक शुरू नही किया गया है। बारिश के दौरान गड्ढो में पानी भरने की वजह से वाहन चालक दुर्घटना का शिकार हो रहे थे और अब बारिश थमने के बाद धूल-डस्ट समेत सड़क पर हुए गड्ढो से परेशान है। आए दिन शहर एवं ग्रामीण क्षेत्र की जर्जर सड़कों पर बाइक चालक दुर्घटना के शिकार हो घायल हो रहे है।

ग्रामीण इन सड़कों की मरम्मत कराने की मांग जनप्रतिनिधियों से लेकर अफसरों से लगातार करते आ रहे हैं। लेकिन इस लोगों से जुड़ी इस समस्या को कोई गंभीरता से नही ले रहा है। जबकि इन्हीं सड़कों पर से आए दिन सभी नेता और मंत्री समेत अफसर आवाजाही करते है।

कम से कम गड्‌ढों को भरना चाहिए

इन दिनों हल्दी से सुरगी की ओर जाने वाले सड़क की हालत सबसे ज्यादा खराब है, जबकि साल भर भी सड़क को बने नही हुआ है। पहली बारिश में ही सड़क पर जगह-जगह गड्ढे हो गए है। हल्दी-सुरगी मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे में पानी भरा हुआ है। पानी भरे होने की वजह से पता ही नहीं चलता कि आगे गड्ढा है। हल्दी, डोडिया, सुरगी होते ही कई वाहन चालक गुंडरदेही, धमतरी आवागमन में इसी सड़क का इस्तेमाल करते है। खनिज से भरे हैवी वाहनों का इस रूट से ज्यादा आवागमन होता है। ग्रामीणों मांग कर रहे है कि सड़कों की पूरी मरम्मत नहीं कराने की स्थित में गड्ढो को ही भर देना चाहिए।

यहां से कई जनप्रतिनिधि गुजरते हैं

सड़को पर बने गड्ढो की वजह से 10 मिनट का सफर एक घंटे में पूरा होता है। इससे वाहनों में टूट-फूट की वजह से मेंटेनेंस का खर्च होने से वाहन मालिको पर आर्थिक बोझ भी बढ़ता है। हल्दी से सुरगी तक 10 किमी लम्बी सड़क है। आए दिन भाजपा और कांग्रेस के नेता इस रास्ते से आवागमन करते है, ग्रामीण बार-बार सड़क मरम्मत कराने की मांग भी रहे है। जबकि सड़क की दुर्दशा से नेता और अफसर अच्छी तरह वाकिफ हैं। यहां बता दें कि इस सड़क पर कृषि अनुसंधान केेंद्र है, जिसके चलते अफसर और नेताओं का आना लगा रहा था। इसके बाद भी सड़कों पर हुए गड्ढे नहीं भरे जा रहे हैं।

डामरीकरण के साथ सड़क की क्षमता बढ़ाएं


शहर और ग्रामीणों इलाकों की खराब सड़कों को ठीक करने के नाम पर मिट्टी, मुरूम और गिट्टी डाला जा रहा है, जो अस्थायी व्यवस्था है। इससे दो चार दिन में सड़क के गड्ढे दिखने लगते है और वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी होती है। सड़कों की हालत सुधारने के लिए अब पूरे सड़क का डामरीकरण करने की मांग ग्रामीण कर रहे है। ग्रामीण क्षेत्रों में पीएमजीएसवाई के द्वारा बनाए गए सड़कों की हालत हैवी वाहनो के चलने से खराब हो रही है। अब सड़क का निर्माण वाहनो की वजन क्षमता को ध्यान में रखकर करना चाहिए। जिससे की लाइफ लम्बे समय तक बनी रहे।

बारिश के बाद काम

पीडब्ल्यूडी के ईई डीके नेताम ने बताया कि बारिश के बाद सड़कों की मरम्मत कराई जाएगी। बारिश में सड़कें प्रभावित होती हैं। पेंचवर्क रूटीन में चलता रहता है। कुछ सड़कें प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना की हैं।

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