Indian News : राजा राम मोहन राय की 250 वीं जयंती पर महिला सशक्तिकरण को लेकर जागरूकता रैली निकाली गई। महापौर, जिला शिक्षा अधिकारी डॉ.आर एन मिश्रा व वरिष्ठ लेखा परीक्षा, रमेश देवांगन व अन्य स्कूली शिक्षक कार्यक्रम में मौजूद थे। महापौर विजय देवांगन ने कहा कि भारतीय समाज के उद्धार में, उनके महान योगदान के लिए आभार, यह अद्भुत संयोग है कि आज महान समाज सुधारक की 250वीं जयंती है और राजा राम मोहन राय नवीन जिला ग्रन्थालय के कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

उन्होंने कहा उन्हें याद करने का अवसर है, जिन्होंने हमारे देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति दी, हम सभी को उनके महान कार्यों, उच्च आदर्शों व उनके जीवन के दर्शन की याद दिलाएगा। राजा राम मोहन राय के योगदान को याद करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. आरएन मिश्रा ने कहा, उनका नाम लेने पर एक स्वतंत्र और दूरदर्शी विचारक की छवि आती है जो न सिर्फ एक महान समाज सुधारक थे बल्कि एक महान दार्शनिक, शिक्षाविद और महान पत्रकार भी थे।

उनकी विद्वता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने 15 साल की उम्र में ही बंगाली, फारसी, अरबी व संस्कृत भाषा सीख ली थी। बाद में उन्होंने हिन्दी व अंग्रेजी भी सीखी। उन्होंने शिक्षा व महिलाओं की स्थिति में सुधार के लिए जो काम किया वह अतुलनीय है। बाल विवाह पर उनका स्पष्ट मानना था कि महिलाओं की शादी की उम्र बढ़ाई जानी चाहिए और महिलाओं को पुनर्विवाह का अधिकार मिलना चाहिए। सही मायने में वह आधुनिक भारत के निर्माता व बंगाल पुनर्जागरण के जनक थे।

परीक्षा के लिए मददगार साबित हो रहा ग्रन्थालय

नवीन जिला ग्रन्थालय हफ्ते के सातों दिन खुला रहता है। प्रतियोगिता परीक्षा के लिए मददगार साबित हो रहा है। जिला शिक्षा विभाग के तत्वावधान में नवीन जिला ग्रन्थालय से नारी सशक्तिकरण जागरूकता रैली निकाली गई, जिसमें लगभग तीन सौ छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। जिसमें शिव सिंह वर्मा आदर्श कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय धमतारी, डॉ. शोभाराम देवांगन शा. उच्च माध्यमिक विद्यालय धमतरी, नत्थू जी जगताप स्कूल, धमतरी, हाटकेशर धमतरी, मुजगाहन धमतरी के स्कूली छात्र रैली में शामिल हुए।

मुख्य अतिथि विजय देवांगन महापौर रहे। अध्यक्षता डॉ. रवीन्द्र नाथ मिश्र जिला शिक्षा अधिकारी ने की। विशेष सहयोग रमेश कुमार देवांगन वरिष्ठ लेखा परीक्षक, जिला शिक्षा कार्यालय, एस. हरीश चंद्र राव जिला ग्रंथालय प्रभारी, हरिकिशन साहू ग्रंथपाल आदि मौजूद थे।

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