Indian News : छ्त्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में धर्मांतरण किए एक परिवार ने मृतक का शव घर की बाड़ी में दफना दिया। जिसको लेकर गांव के ग्रामीणों ने जबरदस्त बवाल खड़ा कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि परिवार के सदस्य अपने मूल धर्म को छोड़कर ईसाई धर्म में शामिल हो गए हैं। अब बिना किसी को बताए घर की बाड़ी में मृतक के शव को दफना दिया। ग्रामीणों ने पुलिस से शव वापस निकालने कहा है। हालांकि ,यह भी कहा कि यदि परिवार अपने मूल धर्म में वापस आ जाता है तो आदिवासी रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार किया जाएगा। मामला जिले के धनोरा थाना क्षेत्र का है।

जानकारी के मुताबिक, जिले के केशकाल ब्लॉक के धनोरा के आंचला पारा निवासी मोहन उसेंडी (52) की दो दिन पहले मौत हो गई। परिवार के सदस्यों ने गांव के गायता, पटेल समेत प्रमुखों को मौत की जानकारी नहीं दी। फिर, गांव के ही बीच स्थित अपने घर के पीछे बाड़ी में शव दफनाकर अंतिम संस्कार कर दिया। लेकिन, किसी तरह से यह खबर गांव में फैल गई। जिसके बाद एकाएक बवाल होना शुरू हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में हमारे देवी-देवताओं का वास होता है। ऐसे में धर्मांतरित परिवार को उनके परिवार के सदस्य की मौत के बाद शव दफनाने नहीं देंगे। शव को निकाला जाए।

गुरुवार को धनोरा मंडी में भी इलाके के सैकड़ों ग्रामीण इकट्ठा हुए। इस मामले को लेकर जमकर विरोध किया। वहीं पूर्व विधायक भोजराज नाग ने बताया कि, लगातार छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण बढ़ते जा रहा है। जहा ग्रामीण अंचलों में ज्यादा संख्या में लोग ईसाई धर्म को अपनाने लगे हैं। उन्होंने कहा कि, मृत व्यक्ति के परिवार के सदस्यों को ग्राम वासियों को जानकारी देकर शव को दफनाना था। ग्रामीणों की मांग अनुसार कार्रवाई की जाए। अन्यथा बड़े रूप में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

वहीं इस मामले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शोभराज अग्रवाल ने बताया कि, मामला थाने में आया है। मृत व्यक्ति के परिवार को बुलाया गया है। साथ ही परिवार का कहना है कि तनाव पूर्ण स्थिति न बने इसलिए वे आदिवासी मूल रीति-रिवाज में वापस लौटना चाहते हैं।

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