Indian News : बादलखोल अभयारण्य के भीतर बसे चार पंचायत कालिया, बछरांव, गैलूंगा और बूटूंगा तक बरसात में सड़क इतनी ज्यादा खराब है कि इस पर लोगों को चलना दूभर हो गया है। बारिश के बाद सड़क पर कीचड़ दोपहिया, चारपहिया वाहन चलना तो दूर, लोगों को पैदल चना भी मुश्किल हो जाता है। कीचड़ से भरी पूरी सड़क खेत की तरह नजर आती है। बारिश के क्षेत्र के ग्रामीणों का ग्रामीणों का स्टेट हाइवे सहीडांड तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। गर्मी में अभयारण्य में सड़क की मरम्मत के नाम पर सड़क में मिट्टी और मुरुम डाला गया है। ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदारों ने मुरुम की बजाय मिटटी ज्यादा डाल दी है। इसकी वजह से बारिश होते ही सड़क पर कीचड़ से उनकी मुसीबत बढ़ जाती है। खासकर बछरांव से गैलूंगा तक की सड़क में सफर काफी मुश्किल भरा है।

लोगों को गाड़ी सड़क में फंस जाती है, इसलिए जानकर व्यक्ति इस सड़क से गाड़ी लेकर नहीं गुजरते, जबकि अंजान व्यक्ति अक्सर इस रास्ते में फंस जाते हैं। इन दिनों पूरी तरह से बदहाल हो चुकी सड़क क्षेत्र वासियों के लिए सिरदर्द बनी हुई है।

सड़क पर जगह-जगह जानलेवा गड्ढे हो गए हैं। ग्रामीणों ने अपनी समस्या के लिए जशपुर विधायक से भी संपर्क किया है। विधायक विनय भगत ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि जल्द इस समस्या का समाधान कराएंगे।

2018 में लोगों ने किया था पत्थरगढ़ी आंदोलन


क्षेत्र के ग्रामीणों ने सड़क, नाली, स्वास्थ्य व शिक्षा जैसे मूलभूत समस्याओं को लेकर पत्थरगढ़ी आंदोलन किया था। इसके बाद जिला प्रशासन के अफसरों ने उन्हें आंदोलन समाप्त करने लोक लुभावन वादे किए, लेकिन अबतक क्षेत्र वासियों के लिए बेहतर सड़क तक नहीं बच सकी है। इससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

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