Indian News : अब तक आपने भगवान राम के नाम पर हो रही सियासती खबरे तो खूब पढ़ी होगी लेकिन आज आपको भगवान राम ने जिस नदी को पार कर छत्तीसगढ़ में प्रवेश किया था वहां जारी रेत के अवैध उत्खनन व देशभर में काले हीरे की नगरी के नाम से विख्यात कोयला नगरी चिरमिरी में हो रहे कोयले के अवैध कारोबार का पर्दाफाश कर रहा है। लठैतों व गुंडों के दम पर कैसे रेत और कोयला माफिया अवैध कारोबार कर रहे है और प्रशासन आंख मुंदे बैठा है। नवगठित जिले मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर के चिरमिरी और भरतपुर में अवैध कारोबार किस तरह अपना पैर पसार चुका है कि यहां कार्यवाही करने से प्रशासन के हाथ पैर भी कांपते है।


भरतपुर के हरचौका जो कि संरक्षित क्षेत्र है वनवास के दौरान भगवान राम यहां जिस मवई नदी को पार कर छत्तीसगढ़ मे प्रवेश किये थे वहां अवैध रेत उत्खनन व अंग्रेजो के जमाने से जहा कोयला की खदानें संचालित है चिरमिरी वहां अवैध कोयला उत्खनन हो रहा है।

कोयला नगरी के नाम से प्रसिद्ध चिरमिरी के छोटी बाजार के कोडाकू पारा व डोमनहिल मुक्तिधाम में कोल माफिया अवैध तरीके से कोयले का उत्खनन कर रहे है। यहां कोल माफिया जेसीबी मशीन के माध्यम से कोयला निकाल रहे है व ईंट भट्टो व दूसरे राज्यो में यह कोयला बोरियों में पैक कर ट्रकों के माध्यम से भेज रहे है। कोल माफियाओं के हौसले इस कदर बुलन्द है कि दिन हो या रात ये कोल माफिया गुंडों और लठैतों के दम पर यहां अवैध उत्खनन कर कोयला निकाल रहे है।

कोयले का काला खेल तीन चरणों में होता है। पहले चरण में बंद पड़े खदान या चालू खनन क्षेत्रों से गिरोह के सदस्य कोयला को एक स्थान पर एकत्रित करते है। दूसरे गिरोह के सदस्य एक निश्चित स्थान पर एकत्रित कोयले को छोटे वाहनों में लोड कर गिरोह के संचालक के पास पहुंचते हैं। जहां से गिरोह का संचालक ट्रकों पर लोड कर इसे दूसरे राज्यो में भेजता है। राज्य के बाहर अवैध कोयला को वैद्य तरीके से भेजने के लिए फर्जी चालान भी तैयार किया जाता है या एक ही चालान के माध्यम से कई वाहन अवैध तरीके से बाहर भेजे जाते है।

जानकारी के मुताबिक मवई नदी और रेत का उत्खनन करने के लिए सिर्फ 5 एकड़ की अनुमति है लेकिन रेत माफिया यहां नियम कायदों को दरकिनार कर 25 एकड़ में अवैध रेत के उत्खनन कर रहे है। वहीं यहां एनजीटी के नियमों का खुलेआम उल्लंघन भी किया जा रहा है। नदी पर पोकलेन व जेसीबी मशीन उतारकर अवैध उत्खनन किया जा रहा है। यहां भी गुंडों और लठैतों के दम पर दिन रात अवैध उत्खनन जारी है।

चिरमिरी में जारी अवैध कोयला उत्खनन में लगी मशीनों को प्रति घण्टे के हिसाब से दोगनी रकम से किराया दिया जाता है और मशीन पर कार्यवाही न होने का भरोसा दिलाया जाता है। क्षेत्र में जेसीबी मशीन का किराया प्रति घण्टा के हिसाब से 1000 या 1200 रुपये है लेकिन अवैध कोयला उत्खनन में लगी जेसीबी को यहां कोल माफिया 2000 रुपये से 2200 रुपये प्रतिघन्टे दिए जाते है। वही इन मशीनों के मालिकों को किसी प्रकार की कार्यवाही न होने का संरक्षण भी दिया जाता है। सूत्रों की माने तो कांग्रेस के जिला पदाधिकारी का जेसीबी वाहन भी इन अवैध कार्यो में संलिप्त है।

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