Indian News : छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में रविवार को कब्र खोदकर एक महिला की लाश निकाली गई। अतरमुड़ा के माझापारा स्थित बंद मकान की बाड़ी में जमीन के अंदर शव दफन था। पुलिस ने इस मामले में मृतका कांति यादव के प्रेमी अजय उर्फ खगेश्वर यादव को जशपुर जिले के कुनकुरी से सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसने कहा कि उसकी प्रेमिका उसे धोखा दे रही थी और उसका किसी और के साथ भी अवैध संबंध था।

इस हत्या के पीछे प्रेमिका कांति यादव (45 वर्ष) की बेवफाई की बात सामने आ रही है। आरोपी खगेश्वर यादव ने कहा कि उसे अपने किए का कोई पछतावा नहीं है। उसने कहा कि वो कांति यादव से बहुत प्यार करता था और उसके लिए अपनी पत्नी और दो बच्चों को भी छोड़ चुका था, लेकिन कांति ने उसके साथ बेवफाई की।

उसने कहा कि अगस्त के महीने में अपनी दादी के निधन पर वो दशकर्म संस्कार में कुनकुरी गया था। उसने कांति को भी साथ चलने को कहा, लेकिन उसने इनकार कर दिया था, ऐसे में वो खुद ही अकेला चला गया। 14 अगस्त को जब वो वापस रायगढ़ लौटा, तो घर का दरवाजा खुला देख अंदर आ गया। अंदर उसकी प्रेमिका कांति यादव किसी पराए मर्द के साथ उसे आपत्तिजनक हालत में मिली।

आरोपी खगेश्वर ने कहा कि उसे देख वो व्यक्ति वहां से फरार हो गया। उसने कहा कि वो उस आदमी को नहीं जानता। इधर जब उसने कांति से इस बारे में पूछा, तो उसने कोई जवाब नहीं दिया। इस पर उसे बहुत गुस्सा आ गया और उसने कांति को थप्पड़ मारे और उसका सिर दीवार पर पटक दिया। इससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद उसने दूसरे दिन अपने घर के आंगन में गड्ढा किया और कांति की लाश दफन कर फरार हो गया।

CSP दीपक मिश्रा ने कहा कि कांति यादव की लाश जब जमीन में दफन मिली, तो उसके साथ रहने वाले प्रेमी अजय उर्फ खगेश्वर की तलाश के लिए लैलूंगा और चक्रधर नगर पुलिस की संयुक्त टीम बनाई गई। SP अभिषेक मीणा के निर्देश पर दो टीमों का गठन किया गया।टीम में चक्रधर नगर के प्रधान आरक्षक सतीश पाठक के साथ आरक्षक संदीप मिश्रा, शैलेन्द्र पैकरा, हेमप्रकाश को शामिल किया गया, जो लैलूंगा के उपनिरीक्षक बलदेव सिंह पैकरा और उनके साथी आरक्षक हेलारियुस तिर्की और राजू तिग्गा के साथ जशपुर रवाना हुए।

चूंकि खगेश्वर उर्फ अजय यादव मूलत: जशपुर जिले के कुनकुरी के ग्राम लोटापानी का रहने वाला था, इसलिए पुलिस टीम कुनकुरी गई और वहां के थाना प्रभारी भास्कर शर्मा को घटना की जानकारी देते हुए मदद मांगी। इसके बाद लोटापानी में आरोपी के घर पर छापा मारा गया, तो वो वहां नहीं मिला। ये जरूर पता चला कि वो आसपास के जंगल में ही छिपा बैठा है। इसके बाद पुलिस ने लोटापानी से लगे जंगल में एक मकान से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। वो वहां बैठकर शराब पीता हुआ मिला। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को कुनकुरी से रायगढ़ लाया गया है।

ये है पूरा मामला

करीब 17 दिनों तक छोटी बहन का फोन नहीं लगने पर बड़ी बहन किसी अनहोनी की आशंका से रविवार 18 सितंबर को उसके घर गई थी। यहां घर के पीछे जमीन में दबी बहन की साड़ी और उसके पैरों की उंगलियां दिखाई दी। उसने तुरंत पुलिस को खबर की। पुलिस मौके पर पहुंची और वहां खुदाई कराई, तो महिला की लाश मिली थी।

कांति यादव के पिता गोपालराम ने बताया कि खगेश्वर उर्फ अजय और उनकी बेटी कांति का जब प्रेम संबंध शुरू हुआ, तो ये दोनों पहले से शादीशुदा थे। कांति के 2 बेटे हैं, वहीं खगेश्वर भी अपनी पत्नी और दो बच्चों एक बेटा और एक बेटी के साथ रहता था। मृतका के पिता ने कहा कि दोनों पर प्यार का भूत इस तरह से सवार हुआ कि इन्होंने अपने-अपने घरों को छोड़ दिया और 4 साल पहले 2018 में भागकर रायगढ़ के माझापारा आ गए। खगेश्वर यहां ड्राइवर का काम करने लगा।

कांति के दोनों बच्चे उसके पति के साथ जशपुर के इलागांव में रहते हैं। वहीं खगेश्वर की पत्नी और बच्चे जशपुर जिले के कंडोरा में रहती है।

बड़ी बहन और पिता को हुई अनहोनी की आशंका

वहीं कांति की बड़ी बहन दिलेश्वरी यादव रायगढ़ में ही रहती है। दोनों बहनों के बीच काफी अच्छे संबंध थे और दोनों के बीच हर 2-4 दिन में बात होती रहती थी, लेकिन जब लगातार छोटी बहन का फोन स्विच ऑफ बताने लगा, तो दिलेश्वरी परेशान हो गई। उसने ये बात अपने पिता को बताई, तो वे भी परेशान हो गए। इसी बीच उन्हें खगेश्वर के अस्पताल में होने की खबर मिली थी। बाद में अस्पताल से खगेश्वर के भाग जाने की बात सुनकर बड़ी बहन और परेशान हो गई।

दिलेश्वरी 18 सितंबर को छोटी बहन कांति के घर पहुंच गई, तो बाहर से दरवाजा बंद मिला। तुरंत वो मकान के पिछले हिस्से में गई और वहां से दीवार फांदकर अंदर आई। जब उसने वहां देखना शुरू किया, तो जमीन में दबी बहन की साड़ी और पैरों की उंगलियां और अंगूठा नजर आया। इसके बाद सूचना पर पहुंची पुलिस ने खुदाई कर वहां से कांति की लाश निकाली थी।

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