Indian News : बैंकॉक | मिस यूनिवर्स 2025 कॉन्टेस्ट इस बार सुर्खियों में जीत से ज्यादा विवादों की वजह से है। ग्रैंड फिनाले से ठीक एक दिन पहले जजिंग पैनल में बड़ी उथल-पुथल देखने को मिली। मिस यूनिवर्स सिलेक्शन कमेटी की प्रेसिडेंट और इटालियन प्रिंसेज कैमिला डि बोरबोन ने ज्यूरी पैनल से इस्तीफा दे दिया। वह इस पैनल को छोड़ने वाली तीसरी जज हैं। इससे पहले मशहूर म्यूजिशियन ओमार हारफूश और फ्रांस के पूर्व फुटबॉलर क्लाउड माकेलेले भी जजिंग पैनल से हट चुके हैं। इस घटना से मिस यूनिवर्स के संचालन और पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं।
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लगातार तीसरे जज ने छोड़ा पैनल
कैमिला डि बोरबोन के इस्तीफे के बाद जजिंग पैनल में संकट गहरा गया है। वह मिस यूनिवर्स सिलेक्शन कमेटी की प्रेसिडेंट थीं और उनके अचानक हटने से आयोजन पर सवाल और तेज हो गए हैं। इससे पहले ओमार हारफूश और क्लाउड माकेलेले भी पैनल छोड़ चुके हैं
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जजिंग पैनल की मूल संख्या 8, अब बचे केवल 6 सदस्य
शुरुआत में मिस यूनिवर्स जजिंग पैनल में 8 सदस्य थे, लेकिन लगातार इस्तीफों के बाद अब पैनल में सिर्फ 5 सदस्य बचे। हालांकि स्थिति को संभालने के लिए ऑर्गेनाइजेशन ने नताली ग्लेबोवा (कनाडा की पूर्व मिस यूनिवर्स 2005) को पैनल में शामिल कर लिया है, जिससे अब कुल संख्या 6 हो गई है।
ओमार हारफूश के गंभीर आरोप: ‘पहले ही कर लिया गया था टॉप-30 का चयन’
ओमार हारफूश ने मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन पर बड़ा आरोप लगाया था। उनका कहना है कि जज कमेटी बनने से पहले ही ऑर्गेनाइजर्स ने टॉप-30 कंटेस्टेंट को अनऑफिशियल तरीके से चुन लिया था। उन्होंने दावा किया कि कई कंटेस्टेंट ऑर्गेनाइजर्स के निजी रिश्तों के आधार पर चुने गए।
क्लाउड माकेलेले ने निजी कारणों से छोड़ा पैनल
ओमार के गंभीर आरोपों के बाद फ्रांस के पूर्व फुटबॉलर क्लाउड माकेलेले ने भी जज पद से इस्तीफा दे दिया। हालांकि उन्होंने इसे निजी कारण बताया, लेकिन विवादों के बीच उनका जाना कई सवाल खड़े करता है।
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ग्रैंड फिनाले 21 नवंबर को बैंकॉक में
मिस यूनिवर्स 2025 की क्राउनिंग का फाइनल 21 नवंबर को थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में होने जा रहा है। विवादों के बावजूद ऑर्गेनाइजेशन ने तैयारी पूरी होने का दावा किया है, लेकिन जजों के लगातार इस्तीफे से प्रतियोगिता की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर असर पड़ना तय है।
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