Indian News : सहरसा पुलिस पर 16 साल के लड़के ने मारपीट का आरोप लगाया है। गुरुवार को वो अपने दोस्त के साथ इंडोर स्टेडियम में खेल रहा था। 2 पुलिस वाले बिना वर्दी के आए और उससे कहने लगे मैट कितना महंगा है जानते हो। इसके बाद पुलिस की गाड़ी में बिठाकर ले गए। एक बाथरूम के पीछे उसके साथ बेल्ट और डंडे से पिटाई की गई। उसके दोस्त ने पिटाई की वीडियो भी बनाया तो पुलिस वालों ने वीडियो डिलीट कर फोन भी तोड़ दिया। बच्चे का इलाज जारी है। पुलिस वालों ने आरोपों को गलत बताया है।

16 साल का सुशांत गांधी पथ मोहल्ले में रहता है। घटना को लेकर परिजनों ने बताया कि गुरुवार को सुशांत कुमार अपने दोस्तों के साथ इंडोर स्टेडियम में खेलने गया था। उसी दौरान पुलिस और बच्चे में किसी बात को लेकर विवाद हुआ। ऐसे में आक्रोशित पुलिसकर्मी ने स्टेडियम में ही उसके साथ मारपीट की, फिर सदर थाना ले गए। जहां उन्होंने सुशांत को बाथरुम के पीछे ले जाकर बेल्ट से जमकर पीटा।

मेरे जवाब देने के बाद दोनों को गुस्सा आ गया

वहीं इस मारपीट की घटना को लेकर जख्मी सुशांत कुमार ने बताया कि हम लोग खेलने के लिए इंडोर स्टेडियम गए थे। उसी दौरान दो पुलिस अधिकारी आए और बोले कि यहां क्यों खेल रहे हो, किससे पूछकर खेल रहे हो। जब मैंने इसका जवाब दिया कि सर ये तो खेलने के लिए ही न बना। तो पुलिस अधिकारी कहने लगा कि जानता है कितना मंहगा मैट है। मैंने जब फिर से इसका जवाब देना चाहा तो वह भड़क उठे और मेरा कॉलर पकड़कर मारने लगे।

इस दौरान मैंने जब अपने दोस्त को इसका वीडियो बनाने को कहा तो उन्होंने थाना को फोन कर पैंथर पुलिस को बुलाया और मुझे सदर थाना ले गए। जहां सदर थाने के पीछे बाथरुम के पास मुझे दोनों पुलिस अधिकारियों ने बेल्ट और डंडे से पीट-पीटकर बुरी तरह घायल कर दिया। इतने में भी उनका मन नहीं भरा तो उन्होंने मेरे मुंह पर घुसा भी मारा। मेरा मोबाइल में जो वीडियो बना हुआ था उसको भी डिलीट करवा दिया और मेरा फोन तोड़ दिया।

सुशांत ने भी बताया कि दोनों अधिकारी सिविल ड्रेस में थे। जिसमें एक नाम स्वेत कमल है और दूसरे पुलिस अधिकारी का नाम बिक्की रवि दास है। बच्चे ने दोनों पुलिस वालों पर कार्रवाई को लेकर एसपी के पास लिखित शिकायत की है।

मामले में आरोपी दारोगा श्वेत कमल ने कहा कि ये सारे आरोप निराधार हैं। वह लड़का बदतमीज था। किसी अन्य लड़के को खेलने नहीं दे रहा था। मना करने पर उसने मेरे साथ भी बदतमीजी की और फोन कर अपने दोस्तों बुलाने लगा। इसके बाद मैंने फौरन सदर थाना को फोन कर पैंथर टीम को बुलाया। इसके बाद लड़के को हिरासत में लेकर थाना लेकर गया। इसके बाद मैं गश्ती में निकला गया। मारपीट की बात गलत है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page