Indian News : भागलपुर के 16 साल के राजा राम ने ऐसा कारनामा किया है, जिसकी हर कोई तारीफ कर रहा है। राजा राम ने एक इलेक्ट्रिक बाइक बनाई है, जो 2 घंटे की चार्जिंग में 50 किमी तक चलेगी। बाइक को कबाड़ के सामानों से बनाया गया है। इसे बनाने में 15 हजार की लागत आई है। करीब एक महीने की कड़ी मशक्कत के बाद बाइक सड़क पर चलने को तैयार है। राजा राम की इलेक्ट्रिक बाइक सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है। लोग इसे जमकर शेयर कर रहे हैं।

राजाराम भागलपुर के सलेमपुर सैनी गांव के रहने वाले हैं। इनके पिता अभय राम मजदूरी करते हैं। इलेक्ट्रिक बाइक की वीडियो की सच्चाई जानने दैनिक भास्कर की टीम राजा राम के गांव पहुंची।

पेट्रोल की कोई चिंता नहीं

भागलपुर शहर से 38 किमी की दूरी पर बसा है सलेमपुर सैनी गांव। इसके 50 किमी के दायरे में एक भी अच्छी और पक्की सड़क नहीं है। राजाराम ने इसी इलाके से लोगों को अपनी तरफ आकर्षित किया। राजा राम के बाइक को दैनिक भास्कर की टीम ने भी चलाया। राजा राम ने भास्कर से बातचीत के दौरान बताया कि उसने यह बाइक मजदूरों के लिए बनाई है। इससे कम पैसे में सभी मजदूरों को यह बाइक उपलब्ध हो पाएगी। इसकी कीमत 15 हजार है, जिससे खरीदने में ज्यादा परेशानी नहीं होगी। पेट्रोल की भी चिंता नहीं करनी है। 2 घंटे की चार्जिंग में 50 किमी तक आसानी से चल सकती है।

सरकार से आर्थिक मदद की दरकार

राजा राम ने यह भी बताया कि बाइक में और भी ज्यादा तकनीकी सुविधा दी जा सकती है। लेकिन, उसमे और रिसर्च करने के लिए पैसे नहीं है। सरकार अगर आर्थिक मदद दे तो वो बाइक में ऐसी रिसर्च करेंगे, जिससे बाइक बिना चार्ज किए ही चलेगी। बाइक जितना चलेगी, उतनी चार्ज होते जाएगी। हालांकि, उन्होंने कहा कि इसमें असफलता भी हाथ लग सकती है। साथ ही राजा ने बताया कि इस बाइक को चाबी के साथ साथ फोन से भी स्टार्ट किया जा सकता है। वो ऐसा रिसर्च करने की कोशिश कर रहे हैं कि अगर कोई बाइक की चोरी कर ले तो फोन से ही बाइक को बंद कर दिया जाएगा।

एक ऐसा हेलमेट जो नशा को करेगा डिटेक्ट

हेलमेट बनाने की भी प्लानिंग राज राम कर रहे हैं। हेलमेट ऐसी होगी कि उसके बिना बाइक स्टार्ट ही नहीं होगी। साथ ही अगर कोई नशा करके बाइक चलाने की कोशिश करेगा तो हेलमेट नशा को डिटेक्ट करेगा और स्टार्ट ही नहीं होगी। मतलब की नशा करने वाले लोगों से ये बाइक स्टार्ट ही नहीं होगी।

पहले पागल बोलते थे, अब सराहना करते हैं

राजाराम ने बताया कि जब वो 8 साल के थे, तभी से इलेक्ट्रॉनिक के खराब समानों पर रिसर्च करते आ रहे हैं। पहले भी कभी पंखा तो कभी पानी का पंप बनाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब मैं ये सब काम करता था तो कुछ लोग मुझे पागल बोलते थे। कहते थे कि ये क्या पागलपन है। लेकिन, अब मुझे इलेक्ट्रिक बाइक से सफलता मिली है। इसके बाद लोग मेरी तारीफ करने लगे हैं।

माता-पिता ने हमेशा दिया समर्थन

राजा राम ने अपने तीन छोटे-छोटे कमरे वाले घर के एक हिस्से में अपना रिसर्च सेंटर बना रखा है। यहां वो नई-नई चीज रिसर्च करते रहते हैं। राजा कहते हैं कि माता-पिता ने उनकी इस आदत पर कभी गुस्सा नहीं किया। वो जो भी एक्सपेरिमेंट करते थे। वो कभी नहीं टोकते थे।

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