Indian News :  सावन के पावन महीने में लखनपुर (Lakhanpur) जिले में विराजमान ऐतिहासिक और धार्मिक शिवालयों में शिव भक्तों का हुजूम शिवलिंग पर जल चढ़ाने पहुंचने का सिलसिला जारी है। इन्ही में से एक है देवगढ़ जिसे जमदागिनी ऋषि की तपो भूमि कहा जाता है और यहां विराजमान हैं अर्धनागेश्वर शिवलिंग (Ardhnageshwar Shivling) जिसमें शिव पार्वती के साथ विराजमान हैं।

जहां जल चढ़ाने हजारों की संख्या में कांवरिया सूरजपुर के रेणुका नदी से जल भरकर 40 किलो मीटर पैदल चलकर रवाना हुए हैं। ये कांवरिया आज दिन भर का सफर तय कर शाम तक देवगढ़ पहुंचेंगे। चालीस किलोमीटर की लंबी दूरी तय कर पहुंचने वाले कांवरिया कल सावन के शिवरात्रि पर शिवलिंग पर जल और बेलपत्र चढ़ाएंगे।

लंबी दूरी तय कर पहुंचने वाले कांवरियों के सेवा के लिए पूरे रास्ते भर कई समिति के लोग इनके सेवा के लिए तैनात रहते हैं। कांवरियों का ये जल लेकर पैदल चलने का सिलसिला करीब पच्चीस साल पहले शुरू हुआ था जो निरंतर जारी है। देवगढ़ में आज शाम नवयुक दुर्गा मंडल के द्वारा जगराता का कार्यक्रम किया जाता है, जहां कई नामचीन गायक शिव के भजनों से माहौल को भक्तिमय बना देते हैं।

लिहाजा रात भर कांवरिया शिव के भजन और आराधना में लीन हो जाते हैं और शिवरात्रि (Shivratri) के पावन पहर शुरू होते ही शिवलिंग पर जल चढ़ा कर अपनी यात्रा पूर्ण करते हैं।

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