Indian News : बाढ़ का पानी गांवाें से उतरने के साथ अब तबाही का मंजर सामने आने लगा है। मुख्यमंत्री पेयजल निश्चय याेजना के तहत हर घर नल का जल याेजना काे भारी क्षति हुई है। जिले के पांच प्रखंडाें के दर्जनभर गांवाें में बाढ़ की वजह से कहीं पाइप फट गया ताे कहीं वह बह गया है।

कई नल भी क्षतिग्रस्त हाे गए हैं। इससे उन इलाके के लाेगाें के बीच पेयजल संकट गहराने लगा है। पानी उतरने के बाद लाेग गांव-घर वापस जा रहे हैं ताे पेयजल काे लेकर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिले के 3120 वार्डाें में पेयजल याेजना से काम हुआ था।

सबाैर के घाेषपुर के निचले हिस्से में बाढ़ आई थी। वहां बाढ़ के पानी के तेज बहाव में बिजली के खंभे गिर गए थे और इससे नल-जल का पाइप क्षतिग्रस्त हाे गया। लाेग गांव में सार्वजनिक चापाकल से पानी ढाे रहे हैं। घोषपुर के ब्रह्मदेव यादव बताते हैं कि 28 अगस्त की सुबह बाढ़ आने के बाद पानी राेकने के लिए बांस-बल्ले लगाए जा रहे थे, तभी अचानक बिजली का खंभा गिर गया।

इससे नल-जल याेजना के लिए बिछाई गई पाइपलाइन भी बाढ़ में डूब गई थी। बाद में जब पानी उतरा ताे पता चला कि पाइप क्षतिग्रस्त हाे गया है। एेसी स्थिति सबाैर के रजंदीपुर, जियाउद्दीन चाैका, बाबूपुर, घाेषपुर, फरका के अलावा पीरपैंती, नाथनगर के शंकरपुर बिंद टाेली, दिलदारपुर, कहलगांवऔर सुल्तानगंज के माेतीचक के गंगा के तटीय इलाकाें में है।

पानी उतरने के बाद लाेग गांव-घर वापस जा रहे ताे दिख रहा बर्बादी का मंजर कहलगांव: नल टूटा अब केवल पाेस्ट बचे कहलगांव के अमापुर में पाइप लाइन बह गईऔर नल भी क्षतिग्रस्त हाे गए हैं। गांव के दिवाकर मंडल और सुधीर मंडल के घर के पास पाइप लाइन बहनेऔर नल टूटने से आसपास के लाेगाें के सामने पेयजल संकट गहरा गया है। वहां केवल नल पाेस्ट बचा है जाे बर्बादी की कहानी बयां कर रहा है।

पीरपैंती : पाइप फटा, सड़क पर बह रहा पानी

पीरपैंती प्रखंड की खवासपुर, बाखरपुर व बाबुपुर पंचायत में कई जगहों पर ग्रामीण बहुजलापूर्ति योजना के तहत काम हुआ था। खवासपुर के वार्ड तीन में शिव मंदिर के पास व राजेश मंडल के घर से महेश मंडल के घर तक पाइप फट गया है। यही हाल बाखरपुर व बाबुपुर में भी है। ग्रामीणों ने बताया कि पाइप फटने से पानी सड़क पर बह रहा है। यह पीने लायक भी नहीं है।

रंगरा चाैक : पाइप लाइन बही, बेकार हो गई टंकी

रंगरा चाैक के जहांगीरपुर वैसी में बाढ़ व कटाव के कारण नल-जल याेजना की बिछी पाइप लाइन बह गई। इस कारण वहां टंकी में पानी नहीं आ रहा है। नल भी बह गए। इससे वहां के लाेगाें काे पीने लायक पानी नहीं मिल रहा है। साफ पानी नहीं मिलने के कारण खाना पकाने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।​​​​​​​

सबाैर : दबने से पाइप में लीकेज, बाेरिंग भी बंद

सबाैर के जियाउद्दीनपुर के ग्रामीण ने बताया कि पाइप दबने से लीकेज हाे गया, जिससे पानी घरों तक नहीं पहुंच रहा है। फरका में 20 दिनों से बोरिंग बंद है। ममलखा पंचायत के वार्ड 10 में टंकी क्षतिग्रस्त हो गई है। फरका पंचायत के वार्ड एक के घोषपुर में करीब 400 की आबादी पेयजल संकट से जूझ रही है। रजंदीपुर पंचायत के वार्ड संख्या 2 में भी करीब दर्जनभर घरों में पानी नहीं पहुंच पा रहा है।​​​​​​​

जिले के गोपालपुर, रंगरा, तिनटंगा, इस्माइलपुर समेत कई क्षेत्राें में बाढ़ से नल जल याेजना को क्षति हुई है। इसके लिए आकलन किया जा रहा है। रिपाेर्ट तैयार हाेने के बाद पता चलेगा कि कितनी क्षति हुई है।

-विपुल कुमार, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, पीएचईडी

​​​​​​​पंचायत से भी जिला में पेयजल निश्चय याेजना का काम हुआ है। लेकिन बाढ़ में कहां पेयजल याेजना काे नुकसान हुआ है, इसकी शिकायत कहीं से नहीं मिली है। शिकायत मिलने के बाद ठीक कराएंगे।

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