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Indian News : भिलाई। गुरुवार को बीएसएफ के आईजी स्पेशल ऑप्स  रिसाली कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऑफिसेटिंग आईजी एसएस डबास ने बताया कि दिनांक 18 जनवरी 2013 को बल मुख्यालय के निर्देशानुसार सीमांत मुख्यालय महानिरीक्षक (स्पेशल ऑप्स) छत्तीसगढ़ के रूप में गठन किया गया और दिनांक 07 फरवरी 2013 को प्रभावी रूप से कार्य करना प्रारंभ कर दिया गया जिसका टेक हेडक्वाटर मिलाई में है।

सीमांत मुख्यालय महानिरीक्षक (स्पेशल ऑप्स) छत्तीसगढ़ ने सीमांत मुख्यालय महानिरीक्षक (स्पेशल ऑप्स) बैंगलोर से संचालन की जिम्मेदारी संभाली, जिसे अब भुवनेश्वर (उड़ीसा) में स्थानांतरित कर दिया गया है। वर्तमान में सीमांत मुख्यालय महानिरीक्षक (स्पेशल ऑप्स छत्तीसगढ़ के अंतर्गत 2 क्षेत्रीय मुख्यालय भिलाई एवं दुर्ग और 08 वाहिनियाँ सैनात है।

वर्ष 2009 में छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या के समाधान के लिए सीमा सुरक्षा बल को कांकेर जिला में तैनात किया गया। कांकेर के अति संवेदनशील बीहड़ो एवं दूरस्थ ग्रामीण तथा
जंगली इलाके में सीमा सुरक्षा बल की दुकड़ियों मठिनाईयों से लड़ते हुए रैनात हुई, जिसके तहत सीमा सुरक्षा बल अपने कर्तव्य को सफलता पूर्वक अंजाम दे रहा हैं। सीमा सुरक्षा बल अपनी तैनाती के पश्चात अंदरूनी इलाके में सैम्प स्थापित कर धीरे-धीरे गांव वालों का भरोसा जीतने में कामयाब हुआ जिससे गांव वालों के दिल में सुरक्षा की भावना पैदा हुई है।

अब तक सीमा सुरक्षा बल ने छत्तीसगढ़ में अपने कतिन प्रयासो से कांकेर जिले में सक्रिय 102 हार्डकोर नक्सलियों (Maoist) को आत्मसमर्पण कराकर देश की मुख्यधारा जोड़ने में अहम भूमिका निभाई है। छत्तीसगढ़ में तैनाती से अब तक सीमा सुरक्षा बल ने 09 नक्सलियों को मार गिराया, 1082 नक्सलियों को गिरफ्तारी किया और 537 से अधिक आईईडी (जिन्दा अम्ब) की बरामदगी कर सुरक्षा बलों एवं आम जनता को भारी नुकसान होने से भी बचाया है।

सीमा सुरक्षा बल ने बार्डर ड्यूटी के अलावा देश के अन्दर होने वाली विभिन्न प्राकृतिक आपदायें, नक्सल समस्या, आंतरिक सुरक्षा एवं देश तथा बिभिन्न राज्यों में होने माले चुनायों के दौरान भारत सरकार द्वारा दी गयी हर जिम्मेदारी को दृढ संकल्प के साथ निभाते हुए हर कदम पर अपनी वीरता का परिचय दिया है। सीमा सुरक्षा बल न सिर्फ देश के बाहरी दुश्मनों से लोहा लेती हैं बल्कि जरूरत पड़ने पर देश के भीतर पुसे देशद्रोहियों को कुचलने में अपनी जान की परवाह नहीं करती है।

जहाँ सीमा सुरक्षा बल के जवान अपनी जान की बाजी लगाकर देश को नक्सल मुक्त बनाने में लगे हैं वहीं दूसरी ओर समान एवं प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभा रहे हैं जिनमें 07 वृक्षारोपण प्रोग्राम, वर्ष 2021 में कांकेर के दूरदराज फैले गांव में 40 सिविक एक्शन प्रोग्राम एवं 24 चिकित्सा शिविर के तहत गरीबों एवं स्कूली बच्चों को कुल- 6252370.44 रूपये की जरूरत की चीजे मुद्द्या कराया एवं शुल-658607 68 मुफ्त चिकित्सा सुविधाएँ प्रदान कराया, बेरोजगार युवाओं को स्किल डेवलपमेन्ट प्रोग्राम के तहत रोजगार प्रशिक्षण देना, ट्राइबल यूश प्रोग्राम के तहत्त आदिवासी बब्चों को भारत भ्रमण में ले जाना और प्रदेश की संस्कृति को देश के समक्ष रखना इत्यादि है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सीएमओ भारती सेन, प्रभाकर सिंह, संजय सिंह सहित बीएसएफ के जवान मौजूद थे।

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