Indian News :  चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में छात्राओं के आपत्तिजनक वीडियो बनाए जाने के आरोप की जांच के लिए तीन सदस्यों वाली एसआईटी का गठन किया गया है. पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने यह जानकारी दी है. इस एसआईटी की तीनों सदस्य महिलाएं हैं. यह टीम आईपीएस अफसर गुरप्रीत देव की अगुआई में मामले की जांच करेगी.

इस बीच हॉस्टल के दो वॉर्डन को सस्पेंड कर दिया गया है. डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि अब तक एक छात्रा और दो अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया है. एसआईटी मामले की गहराई तक जाएगी और मामले में शामिल किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा. डीजीपी ने छात्रों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने को कहा है.

वहीं यूनिवर्सिटी से जुड़े सूत्रों ने कहा कि विश्वविद्यालय को 24 सितंबर तक बंद कर दिया गया है. यह फैसला छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के बाद आया है. छात्र आपत्तिजनक वीडियो बनाने वाली छात्रा और अन्य आरोपियों के खिलाफ एक्शन लेने की मांग कर रहे हैं.

यूनिवर्सिटी छोड़कर घर जा रहे छात्र

यूनिवर्सिटी कैंपस के कई वीडियो सामने आ रहे हैं, जिसमें छात्र अपना सामान लेकर घर जाते नजर आ रहे हैं.प्रदर्शन शनिवार रात से शुरू हुआ था, जो रविवार देर रात तक भी जारी रहा.  प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि एक छात्रा ने हॉस्टल में अन्य लड़कियों के नहाते हुए वीडियोज बनाए और फिर बाद में उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया. प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि जब वीडियो वायरल हो गए तो हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं ने आत्महत्या करने की भी कोशिश की. हालांकि पुलिस ने इन दावों को झूठा बताया है.

पुलिस बोली- कानून का हो रहा पालन

डीआईजी जीएस भुल्लर ने रविवार रात को प्रदर्शनकारी छात्रों से बात की और उन्हें पुलिस पर भरोसा रखने को कहा. डीआईजी ने कहा कि इस मामले में कानून का पालन किया जा रहा है. डीआईजी भुल्लर ने कहा कि पहले छात्रों से बात नहीं हो पा रही थी लेकिन पुलिस अब उस गैप को भरने की कोशिश कर रही है. बता दें कि इस मामले में सनी मेहता और छात्रा को गिरफ्तार किया जा चुका है. जबकि रंकज वर्मा को हिरासत में लिया गया है.

Leave a Reply

Your email address will not be published.

You cannot copy content of this page