Indian News :   भारत समेत कई देशों में नशीले पदार्थो पर प्रतिबंध लगाया गया है। हालांकि कुछ जरूरी मादक पद्धार्थो को छोड़कर अन्य नशीली दवाओं और केमिकल चीजों पर प्रतिबंधित है। नशीले पदार्थो (How Drugs Are Destroyed) की अवैध हेराफेरी, बेचने या उनकी तस्करी करने वालों के खिलाफ कस्टम विभाग, पुलिस, नार्कोटिक्स विभाग कानूनी कार्रवाई करता है, और प्रतिबंधित नशीले पदार्थो को जब्त कर लेता हैं।

जब भी अवैध नशीले पदार्थो (How Drugs Are Destroyed) की तस्करी करने वालों के लिखाफ कोई भी विभाग कार्रवाई करता है तो नार्कोटिक ड्रग्स ऐंड साइकोट्रॉपिक सब्सटैंस एक्ट के तहत कार्रवाई की जाती है। दोषी पाए जाने वाले को 10 साल या इससे अधिक की सजा का प्रवधान है। इसके अलावा संबंधित कोर्ट आरोपी पर जुर्माना भी लगाता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि पुलिस या किसी विभाग द्वारा जब्त नशीले पदार्थो (How Drugs Are Destroyed) का पुलिस क्या करती है।

ड्रग्स का क्या करती है पुलिस?

अक्सर कहा जाता है​ कि पुलिस या ​किसी विभाग द्वारा जब्त किए गए नशीले पदार्थो (How Drugs Are Destroyed) जैसे की ड्रग्स, शराब, गांजा को पुलिस जला देती है। कई बार सुना जाता है कि पुलिस शराब की बोतलें तोड़ देते हैं या फिर शराब को गड्ढे में डाल देते है। लेकिन आपको बता दें कि ऐसा कुछ नहीं है। नियम के अनुसार ड्रग्स को जला (How Drugs Are Destroyed) देना गैरकानूनी है। क्योंकि ड्रग्स को जलाने से हवा में फैलने की आशंका होती है। इसलिए ड्रग्स (How Drugs Are Destroyed) को जलाया नहीं जाता है। इनको नष्ट करने का तरीका अलग होता है।

ऐसे नष्ट किया जाता है ड्रग्स (How Drugs Are Destroyed)

नियम के अनुसार ड्रग्स को 1000 डिग्री सेल्सियस पर बॉयलर में जला (How Drugs Are Destroyed) दिया जाता है जिससे ये वातावरण में नहीं फैल पाते और इस तरह जलाना सुरक्षित भी होता है। इसके अलावा NDPS एक्ट के तहत सिंथेटिक ड्रग्स (How Drugs Are Destroyed) की नीलामी की अनुमति भी दी गई है। इसी नियम के तहत, रीसाइकल कर सके जाने वाले ड्रग्स को दवा कंपनियों को दे दिया जाता है और इससे सरकार की कमाई भी हो जाती है। वही गांजा या हशीश जैसे कम हानिकारिक नशीले पदार्थों की मात्रा 100 ग्राम या 200 ग्राम होने पर उसे खुले में जलाया जाता है। बता दें कि पुलिस अधिकारी के अनुसार कई बार ड्रग्स (How Drugs Are Destroyed) को इकट्ठा किया जाता है और पर्याप्त मात्रा हो जाने पर इन्हें बॉयलर में जला दिया जाता है।

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